Description
‘ज़ीरो नंबर’ कुछ ऐसे लोगों की कहानी है जिनकी शुरुआत ज़ीरो से हुई या फिर गाँव-समाज ने उन्हें ज़ीरो समझा। ये सभी लोग हमारे और आपके बीच से ही हैं। लेखक का प्रयास यह है कि पाठक कुछ ऐसे किरदारों की कहानी पढ़ें, जो बेहद साधारण होकर भी असाधारण व्यक्तित्व हैं।
‘ज़ीरो नंबर’ उन युवाओं की आँखें खोलने के लिए है जो हमेशा संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। यह उनके पढ़ने के लिए है जो कुछ एक हारों से हिम्मत हार जाते हैं।
‘ज़ीरो नंबर’ उनको जगाने के लिए है जो असफलताओं से आहत हो कर आत्महत्या जैसी कायरता पूर्ण कदम उठाते हैं। यह किताब उनको सोंचने पर मज़बूर करने के लिए है जो लोगों की अलग-अलग सलाह पर मंज़िल बदला करते हैं। यह किताब उनमें उत्साह भरने के लिए है जो सपने नहीं देखते। यह किताब उनको झकझोरने लिए है जो बस यूं ही जिये जा रहे हैं। मंज़िल विहीन….।
अक्सर हम अपने हीरो को फिल्मों में ढूंढते हैं, लेकिन असली हीरो हमारे आस-पास होते हैं। जरूरत हैं उन्हें पहचानने की और उनको अपना रोल मॉडल बनाने की। ज़ीरो नंबर की कहानियाँ कुछ ऐसे ही रियल हीरो के जीवन से प्रेरित हैं।
About the Author
31 जुलाई 1983 को चंपारण की धरती पर ढाका के सोरपनिया गाँव में जन्में राजीव कुमार झा अपनों के बीच “राजू” और बच्चों के बीच “सर” से हीं संबोधन पाते रहे हैं। 2006 में हिन्दी में प्रतिष्ठा एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में हीं 2011 मे हिन्दी में स्नाकोत्तर करने के बाद बाबा भीम राव अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर से हिन्दी पत्रकारिता में शोधरत हैं। अभी मोतिहारी में ही बिहार सरकार के अधीन मुजीब बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में भाषा के शिक्षक के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। गरीब बच्चों के निःशुल्क शिक्षा के लिए एक कार्यक्रम मिशन मुजीब का संचालन भी करते हैं। जहां आर्थिक तौर पर पिछड़े हुए सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चे निःशुल्क पढ़ सकते हैं। शिक्षक की सेवा से पहले राजीव ने एक पत्रकार के तौर पर हिंदुस्तान, प्रभात खबर, सर्वोदय, जागृति टाइम्स (सभी हिन्दी दैनिक), बिहारी खबर, गाँव कनेकशन, कुबेर टाइम्स, कामता टुडे, नॉर्थ इंडिया टाइम्स (सभी साप्ताहिक), द लाइट ऑफ बिहार, सेवेन डेज, (मासिक) आदि पत्र पत्रिकाओं में अपनी लेखनी चलाई। लेकिन इन सबसे इतर राजीव हमेशा से कविहृदय रहे। अपनी भावनाओं, अपने सपनों, अपने विचारों को शब्दों में, छंदों में पिरोते रहे। यह यात्रा अब भी जारी है।







Reviews
There are no reviews yet.